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 इस वर्ष 16 दिसम्बर 2019 दिन 03ः43 सूर्य वृश्चिक राशि से निकलकर देवगुरू बृहस्पति की  धनु राशि में प्रवेश करेगा सूर्य की धनु संक्रान्ति के कारण खरमास शुरू हो जानें  से विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होगें उसके बाद मकर संक्रान्ति के बाद 15 जनवरी 2020 से मांगलिक कार्य की शुरूवात हो सकेगी। विवाह मुर्हत में गुरू शुक्र अस्त का भी विचार किया जाता है। अच्छा शुक्र भोग विलास का नैसर्गिक कारक है और दाम्पत्य सुख कोे दर्शाता है गुरू कन्या के लिये पति सुख का कारक है। दोनों ग्रहों का शुभ विवाह हेतु उदय होना शास्त्र सम्मत है।
16 दिसम्बर  से गुरू भी अस्त हो जायेगा और 9 जनवरी को गुरू उदय होगा।  14 मार्च से 13 अप्रैल 2020 तक सूर्य मीन राशि में रहेगा। इस समय भी मांगलिक कार्य नहीं होगें। नये वर्ष में 79 से अधिक विवाह मुर्हूत मिलेगें। 1 जुलाई से देवशयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारम्भ होने के कारण चार माह तक विवाह आदि कार्य नहीं होगें- 

शुभ विवाह मुर्हूत  2020 -

जनवरी 2020    15, 16,17 18 19 20 21 29, 30, 31
फरवरी’ 2020    3, 4 5 9, 10, 11, 12, 13, 14, 16 17 18 19 20 25 26, 27
मार्च’   2020    1 2, 3 7, 8, 9, 11 12 13
अप्रैल’ 2020    14, 15, 25, 26, 27
मई’    2020    1 2,3 4 6, 7, 8, 9 10 11 12, 13, 17, 18, 19, 23, 24, 25,
जून’   2020    13, 14, 15 25, 26, 27, 28, 29, 30, 
नवम्बर’ 2020    26, 29, 30
दिसम्बर’ 2020   1 2 6, 7, 8 9 10, 11

ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ

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